IBM ने बनाया नमक के दाने के आकार का कंप्यूटर, पांच साल में दुनिया के सामने आएगा कीर्तिमान
तकनीकी कंपनी आईबीएम ने दावा किया है कि उसने दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर तैयार कर लिया है। नमक के दाने के आकार का यह कंप्यूटर पांच साल के भीतर बाजार में आ जाएगा। इससे उत्पादों को प्रमाणित करने से लेकर दवा को ट्रैक करने जैसे काम किए जा सकेंगे। हैकिंग का भी खतरा नहीं होगा।
दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर
आईबीएम ने अपने क्रिप्टो एंकर प्रोग्राम के तहत इस कंप्यूटर को विकसित किया है। प्रोग्राम का मकसद ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे उत्पादों पर उच्च तकनीक का वाटर मार्क लगाया जा सके। इससे चोरी रुक जाएगी। वहीं फैक्ट्री से निकलने से लेकर उपभोक्ता के हाथ में पहुंचने तक उत्पादों से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।
ये बेहद सस्ते भी होंगे, इसलिए इन्हें लगाकर ढेर सारी उत्पादों को सुरक्षित बनाया जा सकेगा। उत्पाद संबंधी चोरियों से हर साल वैश्विक अर्थव्यवस्था को 600 अरब डॉलर का भारी भरकम नुकसान पहुंचता है।
आ जाएंगे चिप वाले नोट
हाल में नए नोट में चिप लगने की खूब अफवाह उड़ी थी, लेकिन इस तकनीक की मदद से नोट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में यह छोटा कंप्यूटर लग जाएगा।
पांच नई तकनीक से बदलाव की तैयारी
आईबीएम पांच तकनीक विकसित कर रहा है, क्रिप्टो एंकर व ब्लॉक चेन, लेटिस क्रिप्टोग्राफिक एंकर, एआई बायस, एआई पावर रोबोट माइक्रोस्कोप और क्वांटम कंप्यूटर। आईबीएम के शोध प्रमुख अरविंद खन्ना के मुताबिक इन तकनीक की मदद से धरती के तापमान, प्रदूषण, पानी की किल्लत जैसी कई समस्याओं से निपटा जा सकेगा।
दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर
आईबीएम ने अपने क्रिप्टो एंकर प्रोग्राम के तहत इस कंप्यूटर को विकसित किया है। प्रोग्राम का मकसद ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे उत्पादों पर उच्च तकनीक का वाटर मार्क लगाया जा सके। इससे चोरी रुक जाएगी। वहीं फैक्ट्री से निकलने से लेकर उपभोक्ता के हाथ में पहुंचने तक उत्पादों से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।
ये बेहद सस्ते भी होंगे, इसलिए इन्हें लगाकर ढेर सारी उत्पादों को सुरक्षित बनाया जा सकेगा। उत्पाद संबंधी चोरियों से हर साल वैश्विक अर्थव्यवस्था को 600 अरब डॉलर का भारी भरकम नुकसान पहुंचता है।
आ जाएंगे चिप वाले नोट
हाल में नए नोट में चिप लगने की खूब अफवाह उड़ी थी, लेकिन इस तकनीक की मदद से नोट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में यह छोटा कंप्यूटर लग जाएगा।
पांच नई तकनीक से बदलाव की तैयारी
आईबीएम पांच तकनीक विकसित कर रहा है, क्रिप्टो एंकर व ब्लॉक चेन, लेटिस क्रिप्टोग्राफिक एंकर, एआई बायस, एआई पावर रोबोट माइक्रोस्कोप और क्वांटम कंप्यूटर। आईबीएम के शोध प्रमुख अरविंद खन्ना के मुताबिक इन तकनीक की मदद से धरती के तापमान, प्रदूषण, पानी की किल्लत जैसी कई समस्याओं से निपटा जा सकेगा।

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